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18वीं किस्त का पैसा जारी, 25 जिलों की महिलाओं के खातों में ₹3000 जमा होना शुरू | Ladki Bahin Yojana

By Shreya

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Ladki Bahin Yojana – महाराष्ट्र प्रदेश में चल रही लाडकी बहिन योजना प्रदेश की बहनों और महिलाओं के लिए आर्थिक मदद का एक बड़ा जरिया साबित हो रही है। यह कार्यक्रम खासतौर पर उन महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग से आती हैं और जिन्हें रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस पहल के माध्यम से प्रदेश सरकार हर माह निश्चित धनराशि सीधे पात्र महिलाओं के बैंक अकाउंट में भेजती है।

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यह व्यवस्था डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली पर आधारित है जिसमें किसी भी बिचौलिये की कोई आवश्यकता नहीं होती और पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच जाता है। इस तरह की पारदर्शी व्यवस्था से भ्रष्टाचार की संभावना खत्म हो जाती है और हर पात्र महिला को उसका पूरा हक मिल पाता है। यह योजना केवल व्यक्तिगत विकास तक ही सीमित नहीं है बल्कि संपूर्ण परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का काम कर रही है।

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योजना का उद्देश्य और महत्व

इस कल्याणकारी कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। जब महिलाओं के पास नियमित आमदनी का स्रोत होता है तो वे अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार के स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों को बेहतर तरीके से संभाल पाती हैं। इससे न सिर्फ महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि समाज में उनकी स्थिति भी मजबूत होती है। प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं छोटे-मोटे खर्चों के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहतीं।

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यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जब परिवार की महिला सदस्य आर्थिक रूप से सक्षम होती है तो पूरे परिवार का जीवन स्तर सुधरता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलती है, पौष्टिक भोजन की उपलब्धता बढ़ती है और आपातकालीन परिस्थितियों में भी परिवार को राहत मिलती है। इस योजना के जरिए लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

18वीं किस्त का भुगतान शुरू

हाल ही में लाडकी बहिन योजना की 18वीं किस्त का वितरण प्रारंभ हो गया है। महाराष्ट्र के पच्चीस जिलों में लाखों पात्र महिलाओं के बैंक खातों में राशि जमा होनी शुरू हो चुकी है। इस किस्त के लिए लंबे समय से इंतजार कर रही महिलाओं के लिए यह सुखद समाचार है। राज्य सरकार ने इस बार चरणबद्ध तरीके से भुगतान करने का फैसला लिया है ताकि तकनीकी व्यवस्था पर अत्यधिक बोझ न पड़े।

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प्रथम चरण में मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, ठाणे, कोल्हापुर और सोलापुर जैसे बड़े शहरों को प्राथमिकता दी गई है। जिन महिलाओं का आधार कार्ड बैंक खाते से जुड़ा हुआ है और जिनकी सभी जानकारियां सत्यापित हो चुकी हैं, उन्हें सबसे पहले भुगतान प्राप्त हो रहा है। शेष जिलों में आगामी चरणों में धनराशि का हस्तांतरण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि सभी पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से उनकी किस्त मिल जाए।

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कितनी मिलेगी राशि

इस किस्त में महिलाओं को मिलने वाली धनराशि की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। जिन महिलाओं को 17वीं किस्त किसी तकनीकी गड़बड़ी या प्रशासनिक कारणों से नहीं मिल पाई थी, उन्हें इस बार दोनों किस्तों का पैसा एक साथ दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में इन लाभार्थियों को कुल तीन हजार रुपये की धनराशि प्राप्त होगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी भी पात्र महिला को उसके बकाया पैसे से वंचित न रहना पड़े।

वहीं दूसरी तरफ जिन महिलाओं को पिछली किस्त समय पर मिल गई थी, उन्हें इस बार नियमित रूप से पंद्रह सौ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। यह राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो रही है जिसे वे किसी भी समय एटीएम, बैंक या यूपीआई के माध्यम से निकाल सकती हैं। सरकार की यह विशेष व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी पात्र महिला अपने हक से वंचित न रहे।

पात्रता के नियम

योजना का लाभ पाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होती हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि महिला महाराष्ट्र राज्य की मूल निवासी होनी चाहिए। आयु सीमा की बात करें तो महिला की उम्र 21 साल से 65 साल के बीच होनी अनिवार्य है। परिवार की वार्षिक आमदनी ढाई लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह सीमा इसलिए तय की गई है ताकि वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को ही इसका फायदा मिल सके।

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इसके साथ ही परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए और न ही कोई इनकम टैक्स का भुगतान करने वाला होना चाहिए। परिवार के पास चार पहिया निजी वाहन नहीं होना चाहिए, हालांकि खेती के काम में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर को इस नियम से बाहर रखा गया है। महिला का नाम राशन कार्ड में दर्ज होना और बैंक खाता आधार से लिंक होना भी जरूरी है। ये सभी मानदंड इसलिए बनाए गए हैं ताकि सही लाभार्थियों की पहचान हो सके।

किस्त की स्थिति कैसे देखें

महिलाएं अपनी 18वीं किस्त का स्टेटस ऑनलाइन माध्यम से आसानी से चेक कर सकती हैं। सबसे पहले लाडकी बहिन योजना की आधिकारिक वेबसाइट खोलनी होती है। वहां होम पेज पर अर्जदार लॉगिन का ऑप्शन दिखाई देता है जिस पर क्लिक करना होता है। फिर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगिन करना होता है। लॉगिन होने के बाद डैशबोर्ड खुल जाता है जहां सभी जरूरी जानकारियां मौजूद होती हैं।

पेमेंट स्टेटस या किस्त की स्थिति वाले सेक्शन में जाकर आवेदन नंबर और कैप्चा कोड भरकर सबमिट बटन दबाना होता है। इसके बाद स्क्रीन पर 18वीं किस्त से संबंधित पूरी जानकारी दिख जाती है जिसमें राशि, भुगतान की तारीख और अन्य विवरण शामिल होते हैं। इसके अलावा महिलाएं अपने बैंक से आए एसएमएस, पासबुक की एंट्री या यूपीआई ऐप के जरिए भी पेमेंट की पुष्टि कर सकती हैं।

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सावधानियां और सुझाव

महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना पर विश्वास न करें। केवल सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें। कभी-कभी सोशल मीडिया पर गलत जानकारियां फैलाई जाती हैं जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अगर किसी को अपनी किस्त से जुड़ी कोई समस्या या शंका है तो वे नजदीकी सरकारी कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बैंक खाते की जानकारी समय-समय पर अपडेट होनी चाहिए। आधार और बैंक खाते का लिंक सक्रिय होना बेहद आवश्यक है। अगर किसी कारणवश किस्त नहीं आई है तो घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार बकाया राशि अगली किस्त के साथ भेज देती है। पारदर्शिता और जवाबदेही इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है।

लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की एक सराहनीय पहल है जो महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। 18वीं किस्त का भुगतान शुरू होना यह दर्शाता है कि सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में गंभीर है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद प्रदान करती है बल्कि महिलाओं को सामाजिक और पारिवारिक रूप से भी सशक्त बनाती है। जैसे-जैसे अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है, समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो रही है और वे अपने निर्णय खुद ले पा रही हैं। यह योजना आने वाले समय में और भी अधिक महिलाओं तक पहुंचेगी और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

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