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सभी महिलाओं को बीमा सखी योजना में 7000 की नौकरी मिलना हुई शुरू- Bima Sakhi Yojana

By Shreya

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Bima Sakhi Yojana – भारतीय जीवन बीमा निगम ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। बीमा सखी योजना के माध्यम से देश की महिलाएं अपने घर के आस-पास रहकर सम्मानजनक कमाई का जरिया बना सकती हैं। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहां रोजगार के अवसर सीमित होते हैं। वर्ष 2024 के दिसंबर माह में प्रधानमंत्री द्वारा इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था, और आज हजारों महिलाएं इसके जरिए अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं।

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योजना की संरचना और विशेषताएं

यह एक तीन वर्षीय प्रायोजन कार्यक्रम है जिसमें चयनित महिलाओं को बीमा एजेंट के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है। प्रारंभिक तीन सालों में उन्हें मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जो उनके कार्य प्रदर्शन पर निर्भर करती है। इस अवधि के समाप्त होने के बाद भी महिलाएं एजेंट के तौर पर कमीशन आधारित कार्य जारी रख सकती हैं। एलआईसी द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बीमा पॉलिसियों की जानकारी, ग्राहक प्रबंधन, और आधुनिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग सिखाया जाता है। यह योजना आईआरडीएआई के दिशानिर्देशों के अनुसार संचालित होती है, जो इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करता है।

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पात्रता मानदंड: कौन बन सकती हैं बीमा सखी

इस योजना के लिए आवेदन करने की शर्तें अत्यंत सरल और स्पष्ट हैं। सबसे पहले, आवेदक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो न्यूनतम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है, हालांकि उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों को वरीयता दी जा सकती है। आवेदक को भारत का स्थायी नागरिक होना चाहिए और उनके पास इस कार्य के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, बीमा नियामक प्राधिकरण द्वारा आयोजित प्री-रिक्रूटमेंट परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

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कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाएं आवेदन के लिए अयोग्य मानी जाती हैं। सरकारी या सार्वजनिक उपक्रम में कार्यरत कर्मचारी, पहले से एलआईसी एजेंट, या एलआईसी कर्मचारियों और पूर्व एजेंटों के निकट संबंधी इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इन श्रेणियों में पति, संतान, माता-पिता, भाई-बहन और ससुराल पक्ष के सदस्य शामिल हैं। सेवानिवृत्त एलआईसी कर्मचारी जो पुनः नियुक्ति चाहते हैं, वे भी पात्र नहीं हैं।

आय और लाभों का विवरण

योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसकी आर्थिक संभावनाएं हैं। प्रथम वर्ष में प्रत्येक महीने 7,000 रुपये का भत्ता मिलता है, बशर्ते कम से कम 24 सक्रिय पॉलिसियां हों और वार्षिक कमीशन 48,000 रुपये तक पहुंचे। दूसरे साल में यह राशि 6,000 रुपये मासिक होती है, जिसके लिए पहले वर्ष की 65% पॉलिसियों का सक्रिय रहना जरूरी है। तीसरे वर्ष में 5,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है, जिसमें दूसरे वर्ष की 65% पॉलिसियों की निरंतरता अपेक्षित है। इन राशियों के अतिरिक्त, प्रत्येक बेची गई पॉलिसी पर अलग से कमीशन प्राप्त होता है।

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एक सक्रिय और मेहनती बीमा सखी औसतन प्रति माह 10,000 से 20,000 रुपये तक की कमाई कर सकती है। तीन वर्षों के बाद भत्ता समाप्त हो जाता है, लेकिन कमीशन की प्राप्ति जारी रहती है। पांच साल का अनुभव पूरा करने पर महिलाएं अप्रेंटिस डेवलपमेंट ऑफिसर की उच्च पदवी के लिए आवेदन कर सकती हैं। समय की लचीलापन, निवास स्थान के निकट कार्य करने की सुविधा, और समाज में सम्मान इस योजना के अन्य महत्वपूर्ण फायदे हैं।

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ऑनलाइन आवेदन की सरल प्रक्रिया

2026 में आवेदन प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल बना दिया गया है। कुल आवेदन शुल्क केवल 650 रुपये है, जिसमें एलआईसी शुल्क 150 रुपये और परीक्षा फीस 500 रुपये शामिल है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट licindia.in पर जाना होगा और मुखपृष्ठ पर ‘बीमा सखी’ विकल्प खोजना होगा। वहां ‘बीमा सखी के लिए आवेदन करें’ लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद पंजीकरण फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, संपर्क नंबर, ईमेल पता, आवासीय जानकारी, आयु और शैक्षणिक विवरण भरना होगा। आधार संख्या अनिवार्य है और हाल की पासपोर्ट आकार की तस्वीर अपलोड करनी होगी।

अगले चरण में आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां अपलोड करनी होंगी। इसमें पहचान प्रमाण, आयु प्रमाण, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और पैन कार्ड शामिल हैं। फॉर्म जमा करने के उपरांत आईआरडीएआई की परीक्षा की तिथि चुननी होगी। यह ऑनलाइन परीक्षा एक घंटे की होती है जिसमें बीमा से संबंधित 50 प्रश्न पूछे जाते हैं। सफल होने पर निकटतम शाखा से साक्षात्कार का बुलावा आता है। दस्तावेज सत्यापन के बाद एजेंसी कोड आवंटित होता है और 25 दिनों का प्रशिक्षण शुरू होता है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची

आवेदन में किसी बाधा से बचने के लिए सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। आधार कार्ड जो पहचान और पते दोनों के प्रमाण के रूप में काम करता है, दसवीं कक्षा की अंकतालिका, नवीनतम पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ, मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड, और पैन कार्ड जरूरी हैं। बैंक खाते का विवरण भी आवश्यक है क्योंकि भुगतान सीधे खाते में किया जाएगा। सभी दस्तावेज स्व-प्रमाणित होने चाहिए और डिजिटल प्रारूप में पीडीएफ या जेपीजी फॉर्मेट में 2 एमबी से कम आकार में तैयार रखें।

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सफलता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

भत्ता प्राप्त करने के लिए प्रतिमाह कम से कम एक पॉलिसी की बिक्री सुनिश्चित करें। प्रारंभ में परिचितों और रिश्तेदारों से संपर्क करना लाभदायक हो सकता है। डिजिटल कौशल विकसित करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि अधिकांश कार्य मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन माध्यमों से होता है। धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें और किसी बिचौलिए को शुल्क न दें। एलआईसी के पोर्टल पर प्रशिक्षण वीडियो उपलब्ध हैं और नियुक्ति के बाद मार्गदर्शक की सहायता मिलती है। किसी समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 022-68276827 पर संपर्क किया जा सकता है। यह योजना महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो आत्मनिर्भरता की ओर ले जाता है।

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