Gold Silver New Price – सोना-चांदी के दामों में तूफानी गिरावट! 18k से 24k के 10 ग्राम का भाव बदल गया

By Shreya

Published On:

Join WhatsApp
Join Now

Gold Silver New Price – आज जब मैंने सुबह उठकर कमोडिटी मार्केट के आंकड़े देखे, तो विश्वास नहीं हुआ। पिछले हफ्ते तक जो कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं, वे अचानक से नीचे की ओर लुढ़क गई हैं। धातु बाजार में आई इस अप्रत्याशित गिरावट ने सभी को चौंका दिया है। जो व्यापारी कल तक मुनाफे की गिनती कर रहे थे, वे आज सिर पकड़कर बैठे हैं।

बाजार में आया तूफानी बदलाव

पिछले कई महीनों से कीमती धातुओं का बाजार काफी स्थिर चल रहा था। निवेशक भरोसे के साथ खरीदारी कर रहे थे और कीमतें लगातार बढ़ती जा रही थीं। लेकिन पिछले 24 घंटों में जो कुछ हुआ, वह किसी को उम्मीद नहीं थी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अचानक गिरावट काफी समय बाद देखने को मिली है। यह परिवर्तन इतना तेज रहा कि कई खरीदार अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं।

व्यापारियों के अनुसार, सुबह से ही दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ कम हो गई है। जो लोग खरीदारी की योजना बना रहे थे, वे अब इंतजार कर रहे हैं कि कहीं कीमतें और नीचे न आ जाएं। वहीं, कुछ समझदार निवेशक इसे एक शानदार अवसर मानकर खरीदारी में जुट गए हैं।

यह भी पढ़े:
DA में 11% बढ़ोतरी, लाखों कर्मचारियों को फायदा | DA Hike 2026

आज के बाजार भाव की विस्तृत जानकारी

बात करें शुद्ध सोने की, तो 24 कैरेट का भाव पिछले सप्ताह की तुलना में काफी नीचे आ चुका है। जो लोग आभूषण बनवाने की सोच रहे हैं, उनके लिए 22 कैरेट सोना अधिक उपयुक्त रहता है, और इसकी कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। हल्के आभूषणों के लिए इस्तेमाल होने वाले 18 कैरेट सोने की कीमतें भी नरम पड़ी हैं।

चांदी के बाजार में तो जैसे भूकंप आ गया हो। रजत धातु की कीमतों में जो उछाल पिछले महीने देखा गया था, वह अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। प्रति किलोग्राम के हिसाब से चांदी के दाम में हजारों रुपये की गिरावट आई है। इससे चांदी के बर्तन और आभूषण बनाने वाले कारीगरों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि कच्चे माल की लागत घट गई है।

यह याद रखना जरूरी है कि विभिन्न शहरों में कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। स्थानीय करों, परिवहन खर्च और व्यापारियों के मार्जिन के कारण भाव में थोड़ा अंतर आना स्वाभाविक है। इसलिए किसी भी खरीदारी से पहले अपने क्षेत्र के विश्वसनीय सुनारों से वर्तमान दर जरूर पूछ लें।

यह भी पढ़े:
ड्राइवरों पर लगेगा 10,000 रुपये का जुर्माना, देखें नए नियम । Driving License 2026

गिरावट के पीछे छिपे कारणों की पड़ताल

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हुए उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। जब न्यूयॉर्क या लंदन की धातु मंडियों में कीमतें गिरती हैं, तो हमारे यहां भी इसकी लहर महसूस होती है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो भी बदलाव होते हैं, वे सीधे तौर पर कीमती धातुओं के मूल्य को प्रभावित करते हैं।

अमेरिकी मुद्रा की मजबूती एक और महत्वपूर्ण कारक है। जब डॉलर का मूल्य बढ़ता है, तो आमतौर पर सोने और चांदी की कीमतें कम हो जाती हैं। यह एक पुराना और सिद्ध संबंध है जो दशकों से चला आ रहा है। अभी हाल ही में डॉलर इंडेक्स में वृद्धि देखी गई है, जिसका परिणाम हम धातु बाजार में देख रहे हैं।

बड़े संस्थागत निवेशकों की रणनीति भी बाजार को हिलाकर रख देती है। जब ये निवेशक अपनी पूंजी को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह लगाते हैं, तो बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव आते हैं। हाल ही में कई बड़े फंड हाउस ने अपनी होल्डिंग्स को समायोजित किया है, जिसका प्रभाव कीमतों पर साफ दिख रहा है।

यह भी पढ़े:
सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: चांदी ₹12,000 सस्ती हुई, सोने के दाम भी ₹4,000 टूटे । Gold and silver price

निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति

यदि आप लंबे समय के लिए निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय काफी अनुकूल माना जा सकता है। बाजार की गिरावट को कभी भी नुकसान के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे अवसर के तौर पर लेना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि धीरे-धीरे छोटी मात्रा में खरीदारी करना सबसे बुद्धिमानी भरा कदम होगा।

SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की तरह, आप सोने-चांदी में भी नियमित अंतराल पर निवेश कर सकते हैं। महीने में एक बार थोड़ी मात्रा खरीदने से आपकी औसत खरीद कीमत संतुलित रहती है। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है और लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

जो परिवार शादी-ब्याह या अन्य शुभ अवसरों के लिए आभूषण खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है। कम कीमतों पर अच्छी क्वालिटी के गहने मिलना आसान हो गया है। लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें और केवल प्रमाणित दुकानों से ही खरीदारी करें।

यह भी पढ़े:
अब सभी पैन कार्ड धारकों के लिए नई मुसीबत पैन कार्ड वालों अब लगेगा ₹2000 जुर्माना । Pan Card Change Rule

सावधानियां और सुरक्षा के उपाय

BIS हॉलमार्क की जांच करना अत्यंत आवश्यक है। यह प्रमाणन सुनिश्चित करता है कि आप जो सोना या चांदी खरीद रहे हैं, वह शुद्ध और असली है। बिना हॉलमार्क के सोना खरीदना बड़ी भूल साबित हो सकती है। सरकार ने भी अब इस दिशा में सख्त नियम बनाए हैं।

प्रतिष्ठित और पुरानी दुकानों से ही लेनदेन करें। नए या अनजान व्यापारियों से सावधान रहें, खासकर जब वे असामान्य रूप से कम कीमतें बता रहे हों। कई बार धोखेबाज कम कीमत का लालच देकर ग्राहकों को फंसाते हैं और मिलावटी या कम शुद्धता वाला सामान बेच देते हैं।

हमेशा पक्की रसीद लें और उसमें सोने की शुद्धता, वजन, और मेकिंग चार्जेस की पूरी जानकारी लिखवाएं। यह दस्तावेज भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में आपकी सुरक्षा करेगा। डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करें ताकि लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड रहे।

बाजार विश्लेषकों के मत में थोड़ा अंतर है। कुछ का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और जल्द ही कीमतें फिर से ऊपर की ओर बढ़ेंगी। उनका तर्क है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में लोग हमेशा सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। आने वाले त्योहारी सीजन में भी मांग बढ़ने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि वैश्विक आर्थिक स्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं और कीमतें और भी नीचे जा सकती हैं। ऐसे में धैर्य रखना और बाजार की चाल को समझना जरूरी है। किसी भी बड़े निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना उचित रहेगा।

बाजार का उतार-चढ़ाव तो जीवन की सच्चाई है। जैसे मौसम बदलता रहता है, वैसे ही कीमतों में भी परिवर्तन आता रहता है। घबराने या जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। अपनी जरूरत, बजट और लक्ष्यों को ध्यान में रखकर ही कोई कदम उठाएं।

विविधीकरण हमेशा फायदेमंद रहता है। अपनी पूरी पूंजी केवल सोने-चांदी में ही न लगाएं। अन्य निवेश विकल्पों पर भी विचार करें। संतुलित पोर्टफोलियो ही सबसे सुरक्षित रास्ता है। नियमित रूप से बाजार की खबरें पढ़ते रहें और सूचित निर्णय लें। याद रखें, सबसे अच्छा निवेश वह है जो आपको रात को चैन की नींद सोने दे।

Leave a Comment